|
|
The Theme Song
उम्मीदों के धागों से
जीवन हम बुनते हैं
सपनों से आगे की
दुनिया हम चुनते हैं
चलो सपनों - किताबों को अपनी जमीं पर बुलाओ
बजा दें बिगुल अब उद्भव के रंग में ही रंग जाओ !
रंग जाओ रंग जाओ रंग जाओ
उद्भव के रंग में रंग जाओ|
तकनीकी हवाओं से
संस्कृति कलाओं से
ये सारा जहाँ सींच दो
बहते रहो
कहते रहो
कि ये सारा जहाँ प्रीत हो
पहले जियो
बनाए रखो
फिर ये सारा जहाँ जीत लो
चलो आगे बढ़ो, सवेरा क्षितिज से ले आओ
होता था सपनों में, ऐसा हकीकत में कर जाओ
रंग जाओ रंग जाओ रंग जाओ
उद्भव के रंग में रंग जाओ|
|
|