मुझको लौटा दो वो क्वालेज का कन्टीन

ये डीग्री भी लेलो, ये
नौकरी भी लेलो ♥
ये डीग्री भी लेलो, ये
नौकरी भी लेलो,
भले छीन लो मुझसे USA का
विसा 
मगर मुझको लौटा दो वो
क्वालेज का कन्टीन,
वो चाय का पानी , वो तीखा
समोसा..........

कडी धूप मे अपने घर से
निकलना, 
वो प्रोजेक्ट की खातीर
शहर भर भटकना,
वो लेक्चर मे दोस्तों
की प्रोक्झी लगाना,
वो सर को चीढाना ,वो
एरोप्लेन उडाना,
वो सबमीशन की रातों को
जागना जगाना,
वो ओरल्स की कहानी, वो
प्रक्टीकल का किस्सा.....
बीमारी का कारण दे के
टाईम बढाना,

वो दुसरों के Assignments को
अपना बनाना,
वो सेमीनार के दिन पैरो
का छटपटाना,
वो WorkShop मे दिन रात पसीना
बहाना,

वो Exam के दिन का बेचैन
माहौल,
पर वो मा का विश्वास -
टीचर का भरोसा.....
वो पेडो के नीचे गप्पे
लडाना,
वो रातों मे Assignments Sheets
बनाना,

वो Exams के आखरी दिन Theater मे
जाना,
वो भोले से फ़्रेशर्स को
हमेशा सताना,
Without any reason, Common Off पे जाना,
टेस्ट के वक्त Table me मे
किताबों को रखना,

ये डीग्री भी लेलो, ये
नौकरी भी लेलो,
भले छीन लो मुझसे USA का
विसा 
मगर मुझको लौटा दो वो
क्वालेज का कन्टीन,
वो चाय का पानी, वो तीखा
समोसा
Posted On : 2009-02-19
Posted By : Umang Tandon